यह दुनिया एक गोरखधंधा दे
खकर इसको होना अंधा
आंख खोल के देख नजारे दुनिया के
आंख खोल कर देख नजारे दुनिया के।।
साथ न कोई आया जग में
साथ न कोई जाता
भूल ना बंदे इंसा जग से
हाथ पसारे जाता
वक्त से पहले भाग से ज्यादा
बंदे कुछ ना होता है
तू काहे को रोता है भई
तू काहे को रोता है
ये दुनिया एक गोरखधंधा...........।।
भाग रहा जो तेरे आगे
पीछे उसके पड़ता है
मुझको राह बना ले अपनी
तू काहे को है डरता
आंख खोलकर कफन ओढ़ कर
तू काहे को सोता है
जग में ऐसा होता है भई
जग में ऐसा होता है
ये दुनिया एक गोरखधंधा...........।।
छोड़ भी दे ये दुनियादारी
राह पकड़ ले सबसे प्यारी
आज नहीं तो कल या परसों
आएगी तेरी भी बारी
हंसकर उसकी माया में तू
ये जीवन क्यों होता है
किस को धोखा देता है तू
किस को धोखा देता है
ये दुनिया एक गोरखधंधा...........।।