तेरे जैसा और ना कोई, दूजा इस संसार में
अनहोनी होनी हो जाए आकर के दरबार में ll
सारा जग संतान बराबर, कोई नहीं पराया है
धरती के जर्रे जर्रे में, तेरा नाम समाया है
तीनों देव विराजे देखो, बाबा के दरबार में
उनके जैसा और न कोई दूजा इस संसार मे ll
आकर तेरे दर पर बाबा, जो भी शीश झुकाता है
भर जाती है झोली उसकी, जब वह वापस जाता है
स्वर्ग उतर आया है देखो, बाबा के दरबार में
उनके जैसा और न कोई दूजा ही संसार में ll
जान गया अब तू सब कुछ पल में
राज छुपा है किस के दिल में
किस की नैया डोल रही है
कौन यहां है पर है मुश्किल में
बहे प्रेम की धारा कल कल, बाबा के दरबार में
उनके जैसा और न कोई दूजा ही संसार में ll
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