खाली आसन पे मां को, बिठा दीजिए।
रूठ जाए न अम्बे, मना लीजिए ।।
भीड़ भक्तों की दर पे है तेरे लगी ।
तेरे दर्शन की आशा है मन में जगी ।।
शीशे चरणों में मां के झुका दीजिए
रूठ जाए न ................................... ।।
सारी दुनिया ही तेरा चमत्कार है।
मां भवानी को मेरा नमस्कार है ।।
फूल चरणों में मां के चढ़ा दीजिए
रूठ जाए न ................................... ।।
तेरी महिमा का वर्णन में कैसे करूं।
तेरे भक्तों में दर्शन तुम्हारा करूं ।।
नाम मैया का हर पल जपा कीजिए ।
रूठ जाए न ................................... ।।
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