तूफानों में जोत जलाई है तूने मां अंबे
कितनों की ही लाज बचाई है तूने मां अंबे
कभी, देर लगइयो हो ना।
कभी मुझको भुलैयो ना।।
कभी, देर ......................।।
छोड़ कर तेरे दर को मैया, और कहां मैं जाऊं।
तूने मुझको जन्म दिया है, भेंट तुझे क्या लाऊं।।
कभी, दरश दिखाईयो मां,
कभी मुझको भुलैयो ना
कभी, देर ......................।।
छोटी सी माला सांसों की, धागा भी है कच्चा।
ध्यान दियो ना दुष्कर्म पे, दिल है मेरा सच्चा ।।
मुझे पार लगइयो मां,
कभी मुझको भुलैयो ना।।
कभी, देर ......................।।
दर्शन हर पल करूं तुम्हारा, ऐसी नींद सुला दे।
अपने भक्तों में तू मैया, मेरा नाम लिखा दे।।
मेरे पास ही रहियो मां,
कभी मुझको भुलैयो ना।।
कभी, देर ......................।।
लगे झूमने धरती चाहे, पर्वत भी हिल जाए ।
ऐसी राह दिखा दे जिस पर, चलकर तू मिल जाए।।
मेरी लाज बचइयो मां,
कभी मुझको भुलैयो ना।।
कभी, देर ......................।।
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